पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया की ‘पीएम मोदी की हत्या की साजिश’ के सिलसिले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी का कर्नाटक में छापा

National Investigation Agency raids Karnataka in connection with Popular Front of India's 'conspiracy to assassinate PM Modi'चिरौरी न्यूज

बेंगलुरु: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) बेंगलुरु के दक्षिण कन्नड़ जिले में कई स्थानों पर छापेमारी कर रही है। बुधवार की एनआईए की छापेमारी प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) द्वारा जुलाई 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पटना यात्रा के दौरान उनकी हत्या की साजिश के सिलसिले में है।

एनआईए सूत्रों के मुताबिक अधिकारी स्थानीय पुलिस की मदद से 16 जगहों पर दस्तावेज सत्यापन करा रहे हैं।

एनआईए ने पुत्तूर, कुरनाडका, तरिपडपु और कुंबरा गांवों से भी चार संदिग्धों को हिरासत में लिया। संदिग्धों की पहचान मोहम्मद हारिस कुंबरा, सज्जाद हुसैन कोडिंबदी, फैजल अहमद तारिगुड्डे और समशुद्दीन कुरनाडका के रूप में हुई है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पिछले साल पीएफआई सदस्य शफीक पाएथ के खिलाफ अपने रिमांड नोट में कहा था कि पीएफआई ने 12 जुलाई, 2022 को पटना की यात्रा के दौरान पीएम मोदी को निशाना बनाने की साजिश रची थी। इसके अलावा, ईडी ने दावा किया कि पीएफआई आतंकवादी मॉड्यूल और अन्य हमलों की तैयारी कर रहा है।

एनआईए के अधिकारी दक्षिण कन्नड़ जिले के बेलतांगडी, पुत्तूर, बंटवाला, उप्पिनंगडी और वेनुरा समेत 16 जगहों पर छापेमारी कर रहे हैं। ये छापे 12 जुलाई, 2022 को बिहार में एक रैली में पीएम मोदी पर हमला करने के लिए प्रतिबंधित संगठन की साजिश की जांच का हिस्सा हैं।

प्रतिबंधित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के कार्यकर्ताओं से जुड़े घरों, कार्यालयों और अस्पतालों में मंगलुरु के साथ-साथ पुत्तूर, बेल्टंगाडी, उप्पिनंगडी, वेनूर और बंटवाल में एक साथ तलाशी ली गई।

पीएफआई को कथित तौर पर भारत में आतंकी गतिविधियों की साजिश रचने के लिए खाड़ी देशों से पैसे मिले थे। छापे दक्षिण भारत के पीएफआई हवाला मनी नेटवर्क पर नकेल कसने का एक प्रयास है।

पटना में पिछले साल 2022 में फुलवारीशरीफ इलाके में छापेमारी के बाद देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया था। छापेमारी में पीएफआई के ‘मिशन 2047’ सहित कई आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद हुए, जिसमें कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके रडार पर शामिल थे।

एनआईए के सूत्रों का मानना है कि दक्षिण कन्नड़ में उनके नेटवर्क की संभावना हो सकती है, यही वजह है कि जांच के सिलसिले में एनआईए के अधिकारियों की एक टीम दक्षिण कन्नड़ जिले में आई थी।

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