पीएम मोदी ने विपक्ष की जातिवादी राजनीति पर साधा निशाना, कहा- “समाज को बांटने की साजिश चल रही है”
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को गुजरात के वडताल में श्री स्वामीनारायण मंदिर के 200वें स्थापना दिवस के मौके पर विपक्षी दलों की जातिवादी राजनीति पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग अपने स्वार्थों के लिए समाज को जाति, धर्म, भाषा, उच्च और नीच, पुरुष और महिला, गांव और शहर के आधार पर बांटने की कोशिश कर रहे हैं।
पीएम मोदी ने कहा, “समाज को जाति, धर्म, भाषा, उच्च और नीच, पुरुष और महिला, गांव और शहर के आधार पर बांटने की साजिश चल रही है। यह समझना बेहद जरूरी है कि हमारे राष्ट्रीय दुश्मन समाज को विभाजित करने के लिए कितनी गंभीर कोशिशें कर रहे हैं। हमें इसे समझने और एकजुट होकर ऐसे कृत्य को हराना होगा।”
यह बयान प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस-नेतृत्व वाले विपक्ष द्वारा जाति जनगणना की मांग के बीच दिया है। हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा था कि वह समाज में जाति और धर्म के आधार पर विभाजन उत्पन्न कर रही है।
महाराष्ट्र चुनाव प्रचार के दौरान पीएम मोदी ने “एक हैं, तो सेफ हैं” का नारा दिया था। पिछले सप्ताह धुले में एक रैली में पीएम मोदी ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा, “कांग्रेस का एकमात्र एजेंडा है, एक जाति को दूसरी जाति के खिलाफ खड़ा करना।” यह बयान उस समय आया था जब विपक्षी नेता राहुल गांधी ने जाति जनगणना के अपने वादे को दोहराया था।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस को अनुसूचित जातियों, जनजातियों और अन्य पिछड़ा वर्ग के उत्थान से नफरत है। “कांग्रेस यह नहीं पचा पा रही कि पिछड़े वर्गों ने तरक्की की है। ये लोग भारतीय समाज को बांटने की सबसे बड़ी साजिश कर रहे हैं। राजीव गांधी ने ओबीसी आरक्षण का विरोध किया था, और अब ओबीसी के अंदर ही जातियों को बांटने की कोशिश हो रही है,” पीएम मोदी ने जोर देते हुए कहा।
एक अन्य रैली में पीएम मोदी ने कांग्रेस पर फिर से हमला बोलते हुए कहा, “कांग्रेस को ओबीसी से नफरत है, क्योंकि 1990 के दशक में जब ओबीसी एकजुट हुए, तो कांग्रेस खुद एक मजबूत सरकार नहीं बना पाई। कांग्रेस ने ओबीसी को तब तक आरक्षण नहीं दिया जब तक वह सत्ता से बाहर नहीं हुई। जैसे ही ओबीसी एकजुट हुए, कांग्रेस की सरकार का पतन हो गया।”
प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान देशवासियों से अपील की कि हमें एकता बनाए रखनी होगी, क्योंकि “एक हैं, तो सेफ हैं” का नारा यही संदेश देता है।