प्रधानमंत्री नरेंद्र ने ‘मन की बात’ में महाकुंभ की तैयारियों और एकता के संदेश पर की बात

Prime Minister Narendra Modi spoke on preparations for Maha Kumbh and message of unity in 'Mann Ki Baat'चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 117वें एपिसोड में आगामी महाकुंभ की तैयारियों पर जोर दिया। उन्होंने प्रयागराज में हो रहे महाकुंभ की विशालता, विविधता और एकता के संदेश को विशेष रूप से रेखांकित किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “कुछ दिन पहले मुझे प्रयागराज में महाकुंभ क्षेत्र को हेलीकॉप्टर से देखने का अवसर मिला। वह दृश्य बहुत ही अभूतपूर्व था – इतना विशाल, इतना सुंदर, इतना भव्य। महाकुंभ सिर्फ इसकी विशालता के कारण खास नहीं है, बल्कि इसकी विविधता के कारण भी यह अद्वितीय है।”

प्रधानमंत्री ने महाकुंभ के समावेशिता को भी महत्व दिया, “यहां करोड़ों लोग एकत्र होते हैं, लाखों पंढित होते हैं, हजारों परंपराएं, सैकड़ों समुदाय और विभिन्न अखाड़े होते हैं। यहां कोई भेदभाव नहीं है – कोई बड़ा या छोटा नहीं है। ऐसी एकता और विविधता कहीं और नहीं देखी जाती। यही कारण है कि हमारा कुंभ भी ‘एकता का महाकुंभ’ है। इस साल का महाकुंभ एकता के मंत्र को और मजबूत करेगा।”

प्रधानमंत्री ने समाज में “विभाजनकारी नफरत” को समाप्त करने का आह्वान करते हुए कहा, “सारांश में कहूं तो, ‘महाकुंभ का संदेश, एक हो पूरा देश’ और दूसरी तरफ, ‘गंगा की अविरल धारा, ना बटे समाज हमारा’ (जैसे गंगा की धारा निरंतर बहती रहती है, वैसे हमारा समाज कभी विभाजित न हो)।”

उन्होंने महाकुंभ में डिजिटल नवाचारों का भी जिक्र किया, जैसे विभिन्न घाटों, मंदिरों और पार्किंग क्षेत्रों के लिए एक नेविगेशन सिस्टम और एक ए.आई. पावर्ड चैटबोट, जो विस्तृत जानकारी प्रदान करेगा। उन्होंने भाग लेने वालों से आग्रह किया कि वे ‘एकता का महाकुंभ’ हैशटैग के साथ अपनी सेल्फी साझा करें।

प्रधानमंत्री ने संविधान के अंगीकरण के 75 वर्षों के आने वाले मील के पत्थर का भी उल्लेख किया, जिसे 26 जनवरी 2025 को मनाया जाएगा। उन्होंने कहा, “यह सभी भारतीयों के लिए गर्व का क्षण है। हमारा संविधान, जिसे दूरदर्शी निर्माताओं ने तैयार किया था, समय की कसौटी पर खरा उतरा है। यह हमारी मार्गदर्शिका है।”

इस मील के पत्थर को यादगार बनाने के लिए प्रधानमंत्री ने संविधान दिवस 26 नवंबर से शुरू होने वाली साल भर की गतिविधियों का उल्लेख किया। उन्होंने एक समर्पित वेबसाइट, Constitution75.com, का भी शुभारंभ किया है, जो नागरिकों, विशेषकर छात्रों को संविधान की धरोहर से जोड़ने के लिए तैयार की गई है।

प्रधानमंत्री ने भारतीय युवाओं से इस उत्सव में भाग लेने और संविधान के मूल्यों को गहरे से समझने का आह्वान किया।

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